यूपी में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने कसी कमर

यूपी में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने कसी कमर

यूपी में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने कसी कमर

​स्वयं सहायता समूहों से जुड़ेंगी 3 करोड़ ग्रामीण महिलाएं।

एक जनपद एक व्यंजन योजना से प्रदेश के हर जिले को मिलेगी नई पहचान।

लखनऊ। बुधवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित योजना भवन में प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक की शुरुआत में उपमुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में हुए दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। 

​बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को लेकर कई बड़े निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य अब 3 करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है। साथ ही लखपति दीदी योजना का लक्ष्य बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रेरणा कैंटीन का दायरा बढ़ाया जाएगा और ब्लॉक परिसरों में खाली जगहों पर स्टॉल आवंटित किए जाएंगे ताकि महिलाएं अपने उत्पादों का व्यापार कर सकें।

​प्रदेश में "एक जनपद एक उत्पाद" की सफलता के बाद अब "एक जनपद एक व्यंजन" योजना का आगाज किया गया है। इसके तहत हर जिले में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे जहां प्रदेश के सभी 75 जिलों के विशिष्ट उत्पाद और व्यंजन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक 'विकसित भारत' के विजन को दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश यूरोपीय संघ के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते का स्वागत करता है, जिससे स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सकेगा।

​खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के 826 विकास खंडों में 5 करोड़ रुपये की लागत वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इन इकाइयों पर सरकार 35 प्रतिशत का अनुदान और सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए 90 प्रतिशत तक की छूट प्रदान करेगी। बुंदेलखंड की "बल्नी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी" की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में इसी तरह की कंपनियां बनाई जाएंगी। आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए संचालित टेक होम राशन प्लांट की सभी इकाइयों को जल्द ही सौर सब्सिडी से जोड़ा जाएगा।

​प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यक्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि विधायक निधि के प्रस्तावों को 45 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से स्वीकृत किया जाए। विकास कार्यों की निगरानी के लिए हर तीन महीने में "दिशा" बैठकें और नियमित ग्राम चौपालों के आयोजन का आदेश दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों को सीधे डिजिटल माध्यम से भुगतान किया जाएगा ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे। उन्होंने अमृत सरोवरों के संरक्षण और ई-रिक्शा चलाने वाली महिलाओं के लिए चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि "विकसित भारत" और "स्मार्ट गांव" की अवधारणा को साकार करने के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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