रंगदारी के लिए बमबाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

रंगदारी के लिए बमबाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

रंगदारी के लिए बमबाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

लूटे गए मोबाइल फोन से मांग रहे थे 10 लाख की रंगदारी, दहशत फैलाने के लिए व्यापारी के भवन पर फेंका था बम।

पुलिस ने घेराबंदी कर पांच शातिर अपराधियों को दबोचा, कब्जे से तीन जिंदा बम और चोरी की बाइक बरामद।

दुबग्गा लखनऊ। लखनऊ के दुबग्गा इलाके में रंगदारी वसूलने के उद्देश्य से बमबाजी करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने सफल अनावरण किया है। सोमवार को दुबग्गा पुलिस और स्वॉट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्यवाही में पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान इन्द्रेश कुमार सिंह, ज्ञानेन्द्र कुमार, राज उर्फ राजा, मोनू और अंकित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल, लूट के दो मोबाइल और तीन नाजायज देसी बम बरामद किए हैं, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है।  


​घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि 16 जनवरी 2026 को दुबग्गा के ग्राम सिकरौरी स्थित एस.आर. ट्रेडर्स बिल्डिंग पर अज्ञात बदमाशों ने दिनदहाड़े बम फेंका था। इस मामले में वादी अंकित कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने दूसरों को उकसाने, विस्फोटक पदार्थ से संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुँचाने की कोशिश और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह के सरगना इन्द्रेश कुमार सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था।  


​अभियुक्तों ने सबसे पहले 11 जनवरी 2026 को मलिहाबाद क्षेत्र में एक राहगीर से मोबाइल लूटा, जिसके संबंध में लूट की धाराओं में मामला दर्ज है। इसके बाद 12 जनवरी 2026 को उसी लूटे गए मोबाइल का उपयोग कर एस.आर. ट्रेडर्स के मालिक से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। रंगदारी न मिलने पर दहशत फैलाने के लिए 16 जनवरी को बमबाजी की गई। इसके बाद भी आरोपियों का दुस्साहस कम नहीं हुआ और उन्होंने 22 जनवरी को काकोरी क्षेत्र में एक महिला से फिर मोबाइल लूटा ताकि पुलिस को चकमा देकर दोबारा धमकी दी जा सके। 23 जनवरी को बदमाशों ने दूसरे लूटे गए मोबाइल का प्रयोग कर व्यापारी को पुनः जान से मारने की धमकी दी, लेकिन व्यापारी ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस पर भरोसा किया और पैसे नहीं दिए।  

​सोमवार सुबह करीब 07:30 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने शेखपुरवा मोड़ के पास घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने पांचों आरोपियों को दबोच लिया, जबकि एक अन्य अभियुक्त अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में संगठित तरीके से अपराध करने, चोरी की संपत्ति रखने, साझा इरादे से अपराध करने और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी की है। आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।  

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