लखनऊ में नाबालिग की गला दबाकर हत्या, पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 4 को दबोचा
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- Updated: 27 January, 2026 19:56
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लखनऊ में नाबालिग की गला दबाकर हत्या, पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 4 को दबोचा
प्रेम प्रसंग और रंजिश में रची गई थी खौफनाक साजिश, टाटा सफारी में दिया वारदात को अंजाम।
पहचान छिपाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका, साक्ष्य मिटाने की भी की गई कोशिश।
पारा लखनऊ। लखनऊ के थाना पारा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य अभियुक्त समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अनुसार, यह पूरी वारदात प्रेम प्रसंग और आपसी रंजिश के चलते योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई थी। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अंशू गौतम, आशिक यादव, रिशू यादव, वैभव सिंह राजपूत के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की टाटा सफारी गाड़ी भी बरामद कर ली है।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि पिंकी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री को अंशू गौतम बहला-फुसलाकर ले गया है। जांच के दौरान सोमवार को जब मुख्य अभियुक्त अंशू गौतम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह मृतका से प्रेम करता था, लेकिन जब उसे पता चला कि लड़की उसके मित्र आशिक यादव से भी बात करने लगी है, तो उसने इसे अपना अपमान समझा और उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
योजना के मुताबिक, अभियुक्तों ने नाबालिग को फोन करके बुलाया और गाड़ी में बैठाकर मारपीट की। इसके बाद चलती गाड़ी में ही उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई। साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को सरोजनी नगर क्षेत्र के पिपरसण्ड रेलवे ट्रैक पर इस तरह लिटा दिया गया ताकि यह आत्महत्या लगे। ट्रेन की चपेट में आने से मृतका का सिर धड़ से अलग हो गया था। आरोपियों ने पहचान मिटाने के लिए अपने और मृतका के मोबाइल फोन भी तोड़कर फेंक दिए थे।
पुलिस ने इस मामले में किडनैपिंग, हत्या, साक्ष्य छिपाने और सामान्य इरादे से किए गए अपराध से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने अभियुक्तों पर अपहरण, हत्या की सजा, सबूत मिटाने की कोशिश और सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देने के आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी को जेल भेज दिया है।

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