डॉ शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्रों ने UGC बिल के खिलाफ किया प्रदर्शन
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- Updated: 29 January, 2026 22:08
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PPN NEWS
अमित श्रीवास्तव/ब्यूरो चीफ
डॉ शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में छात्रों द्वारा यूजीसी के नए बिल के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन — अपर कुलानुशासक डॉ पुष्पेन्द्र मिश्रा सर, सहायक कुलानुशासक डॉ प्रवीण मिश्रा सर एवं डॉ देवेश कटियार सर — को विश्वविद्यालय छात्र प्रतिनिधि चन्द्र प्रकाश मद्धेशिया, प्रभंजन पाठक एवं आशुतोष सिंह द्वारा संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा गया।
इसी प्रतिनिधित्व में छात्रों ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। मीडिया कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए छात्र प्रतिनिधि चन्द्र प्रकाश मद्धेशिया ने कहा—
“यह यूजीसी बिल किसी जाति या वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह पूरे छात्र समाज और युवा शक्ति की एकता पर सीधा प्रश्नचिन्ह है।
आज विश्वविद्यालय परिसर में हम सब एक ही सीट पर बैठकर पढ़ते हैं, एक जैसी वेशभूषा पहनते हैं, एक ही कैंटीन में भोजन करते हैं और छात्रावासों में बिना जाति-वर्ग पूछे एक-दूसरे के साथ कमरे साझा करते हैं। यही हमारी ताकत है — भाईचारा और दोस्ती।”
उन्होंने आगे कहा कि यह बिल कहीं-न-कहीं छात्र एकता को कमजोर करेगा तथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।
“यह लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे युवा समाज की है। हम इस बिल का कड़े शब्दों में पुरजोर विरोध करते हैं।
हर वर्ग में कुछ संकीर्ण सोच रखने वाले लोग हो सकते हैं — लेकिन समाधान पूरे वर्ग को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई करना है।
जैसे पैर में घाव होने पर पूरा पैर नहीं काटा जाता, बल्कि घाव का इलाज किया जाता है — ठीक उसी तरह समाज को शिक्षित करना होगा, न कि विभाजित।”
छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष शिक्षा, समानता, विश्वविद्यालय स्वायत्तता और छात्र एकता की रक्षा के लिए है, और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक छात्रों की आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जाता।

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