Wednesday 16 Jun 2021 13:25 PM

प्रयागराज :स्वरुपरानी अस्पताल में गैंगरेप मे इलाज के दौरान किशोरी की मौत।

प्रयागराज :स्वरुपरानी अस्पताल में गैंगरेप मे इलाज के दौरान किशोरी की मौत।

प्रकाश प्रभाव न्यूज़

रिपोर्टर :ज़मन अब्बास

दिनांक :08/06/2021

प्रयागराज :स्वरुपरानी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों पर दुष्कर्म के आरोप मामले से संबंधित युवती की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। 21 मई को ऑपरेशन के बाद से ही वह एसआरएन अस्पताल के आईसीयू में एडमिट थी। इस मामले में मृतका के भाई की तहरीर पर एसआरएन अस्पताल के चार चिकित्सा स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी तक जो पुलिस (CMO) की जांच रिपोर्ट का हवाला देकर कार्रवाई से बच रही थी, किशोरी की मौत के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली गई।

हालांकि ऑपरेशन के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। गंभीर संक्रमण के चलते ही उसे आईसीयू में रखकर इलाज किया जा रहा था जहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि मिर्जापुर की निवासी युवती के भाई ने आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी कि ऑपरेशन के दौरान उसकी बहन से दुष्कर्म किया गया।

उसका दावा है कि यह बात खुद उसकी बहन ने उसे कागज पर लिखकर बताई। भाई व अन्य परिजन इसके बाद से लगातार एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस मामले को लेकर सपा नेता ऋचा सिंह व महिला संगठनों ने पुलिस कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया। एक दिन पहले ही ऋचा समेत अन्य लोगों ने आईजी रेंज कविंद्र प्रताप सिंह से मिलकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी मगर कुछ नहीं हुआ उधर युवती की मौत के बाद एहतियातन स्वरूप रानी अस्पताल परिसर में फोर्स तैनात कर दी गई है। 

सीओ कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी (S.P.Tiwari)का कहना है कि पंचनामा भरा जा रहा है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके लिए घर वाले भी राजी हैं।

स्वरुपरानी अस्पताल में मरीज से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप मे मेडिकल बोर्ड की ओर से की गई जांच में आरोप सही नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि मरीज के साथ दुष्कर्म के सबूत नहीं मिले। फिलहाल सीएमओ की ओर से रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। 

मिर्जापुर निवासी युवक ने छह दिन पहले SRN अस्पताल में भर्ती अपनी बहन से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जिसके बाद सनसनी फैल गई। मामले में एसआरएन अस्पताल प्रबंधन के साथ ही सीएमओ की ओर से पृथक जांच कमेटियां गठित की गई थीं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट में दुष्कर्म के आरोपों को गलत बताया गया था। उधर सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड की ओर से की गई जांच संबंधी रिपोर्ट भी पुलिस को सौंप दी गई।

सूत्रों का कहना हे कि रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि जांच के दौरान महिला के शरीर पर किसी तरह के चोट का निशान नहीं मिला है। महिला के जननांगों व इसके आंतरिक भागों में भी कोई चोट नहीं मिली है। न ही किसी तरह के दुष्कर्म के सबूत मिले हैं।

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