Monday 06 Feb 2023 16:11 PM

Breaking News:

मतदाताओं के लिए ख़ुशख़बरी : देश में कहीं से भी डाल सकेंगे वोट, प्रवासी वोटरों को चुनाव में गृह राज्य जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत,

मतदाताओं के लिए ख़ुशख़बरी : देश में कहीं से भी डाल सकेंगे वोट, प्रवासी वोटरों को चुनाव में गृह राज्य जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत,

PPN NEWS

सुरेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट 

देश में कहीं से भी डाल सकेंगे वोट, प्रवासी वोटरों को चुनाव में गृह राज्य जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत


दिल्ली: चुनाव आयोग ने घरेलू प्रवासी मतदाताओं के लिए रिमोट वोटिंग सिस्टम डेवलप किया है। रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की मदद से अब देश में ही घर से दूर रहने वाले वोटर्स अपने राज्य के चुनाव में वोट डाल सकेंगे। चुनाव के प्रति युवाओं और शहरी क्षत्रों में रहने वाले लोगों में देखी गई उदासीनता के मद्देनजर रिमोट वोटिंग मशीन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने में कारगर पहल साबित होगी। राजनैतिक दलों को 16 जनवरी को इसके प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया है। राजनैतिक दलों को 16 जनवरी को इसके प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया है।


रिमोट वोटिंग मशीन को लेकर एक नोट भी जारी किया गया है। राजनैतिक दलों से इसे कानूनी, प्रशासनिक और तकनीकी तौर पर क्रियान्वित करने पर अपने विचार प्रकट करने के लिए भी कहा गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की एक कंपनी द्वारा निर्मित मल्टी कांस्टीट्यूएंसी रिमोट ईवीएम एक ही जगह से 72 चुनाव क्षेत्रों को संचालित कर सकती है। मतपत्रों के जरिए वोटिंग की जटिल और थका देने वाली प्रक्रिया से निजाद दिलाने के लिए 1977 में चुनाव आयोग ने हैदराबद स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) को मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।


संस्थान ने भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड, बेंगलुरु की मदद के साथ 1979 में इसका प्रोटोटाइप विकसित किया और चुनाव आयोग ने 1980 में इसे राजनैतिक दलों के सामने पेश किया। चुनावों में इसके प्रयोग की करें तो इसका ईवीएम का पहला प्रयोग 1982 में केरल में आम चुनावों में किया गया था। 1998 में पहली बार इसका प्रयोग मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में सीमित संख्या में किया गया था।2001 के बाद सभी विभानसभा चुनावों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।


इसके साथ ही 2004 में हुए लोकसभा चुनावों में 543 संसदीय क्षेत्रों में मतदान के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था। ईवीएम के आने के बाद से मतदान करने और वोटों की गिनती की प्रक्रिया आसान हुई है। हालिया दिनों में चुनावों के प्रति युवाओं और शहरी लोगों के घटते रुझान की वजह से लंबे समय से रिमोट इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की आवश्कता महसूस की जा रही थी।

Comments

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *