सांसद संजय सिंह ने जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुये योगी पर किया कटाक्ष

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सांसद संजय सिंह ने जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुये योगी पर किया कटाक्ष
लखनऊ : इलाहाबाद हाई कोर्ट फैसला आया है और उस फैसले ने उत्तर प्रदेश आदित्यनाथ सरकार के असली चेहरे को बेनकाब करने का काम किया है। हाई कोर्ट का फैसला यह साबित करता है हिंदुस्तान में अगर कोई सबसे ज्यादा कानून का दुरुपयोग कर रहा है तो उस व्यक्ति का नाम है आदित्यनाथ। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को पार्टी की ओर से 448 जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए राष्ट्रद्रोह के फर्जी मुकदमे दर्ज कराने को लेकर मुख्यमंत्री योगी पर यूं करारा हमला बोला।
अपने ऊपर लगी 14 धाराओं का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के गृहमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे योगी ने 96 लोगों पर एनएसए के तहत फर्जी मुकदमे दर्ज किए। उन्हें जेल भेजा गया और उन पर जुल्म किए गए।
हाई कोर्ट ने इन मामलों को खारिज करके सच बेनकाब कर दिया है। योगी आदित्यनाथ ने एनएसए के 80 फीसद मामले फर्जी दर्ज किए। सच्चाई सामने आने के बाद उन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। उनमें जरा भी नैतिकता हो तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
संजय सिंह ने घोटालों को लेकर योगी सरकार को निशाने पर रखते हुए हरियाणा की कंपनी का मामला उठाया। कंपनी की ओर से यूपी को 9 करोड़ 63 लाख रुपये की पीपीई किट और मस्क सप्लाई का दावा किया गया है, जबकि विभाग ऐसे किसी ऑर्डर से इंकार कर रहा है।
पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। पूर्व में कोरोना में हुए भ्रष्टाचार की तरह यह भी सरकार का एक बड़ा घोटाला हो सकता है। यह जांच एसआईटी से नहीं होनी चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हर घोटाले को छिपाने के लिए एसआईटी को कवच बना रखा है।आज तक एक भी मामले में एसआईटी जांच की सार्थक रिपोर्ट सामने नहीं आई। चाहे वह ऑक्सीमीटर घोटाला हो, पीपीई घोटाला, हो या श्मशान में दलाली खाने का मामला।
राज्यसभा सांसद ने कानून व्यवस्था पर भी सरकार को आईना दिखाया। बागपत में जबरन सिंदूर लगाकर हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना, अयोध्या में महंत का मर्डर आदि पर चिंता जताते हुए संजय सिंह ने आईपीएस सहित दारोगा और सिपाहियों के भगोड़ा होने के चलन पर योगी पर तंज किया। कहा कि योगी प्रदेश की कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह से फेल हो चुके हैं।
यूपी पंचायत चुनाव के प्रभारी दिल्ली के कानून मंत्री राजेंद्र गौतम ने सभी उम्मीदवारों को बधाई दी और केजरीवाल मॉडल को हर घर तक ले जाने को कहा। पंचायत चुनाव को सेमीफाइनल बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में हमारी उम्मीदवार जीत कर 2022 में योगी सरकार को विदा करने का काम करेंगे।
आप" ने 448 प्रत्याशियों की तीसरी लिस्ट जारी की, हर वर्ग से प्रत्याशी
आम आदमी पार्टी ने 448 प्रत्याशियों वाली अपनी सूची में 2 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 14 प्रधान, 29 जिला पंचायत सदस्य, एक डॉक्टर, सात पूर्व प्रधान, एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य, 16 पूर्व जिला पंचायत के प्रत्याशी, 49 किसान 25 महिलाएं, दो वकील और 30 सामाजिक कार्यकर्ता प्रत्याशी बनाए गए हैं। सूची जारी करते हुए पार्टी ने हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का पूरा ख्याल रखा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष बेतुके फरमान पर बात रखेंगे संजय सिंह
राज्यसभा सांसद संजय सिंह कोविड 19 के नाम परपंचायत चुनाव प्रचार में 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर लगाई गई पाबंदी और सिर्फ 5 दिन प्रचार का वक्त दिए जाने को लेकर बुधवार को राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी बात रखेंगे।
उन्होंने कहा कि जगह जगह भाजपा नेताओं को जनता खदेड़ रही है। इससे बचने और विरोधियों को चुनाव प्रचार से रोकने के लिए सरकार ने यह बेतुका फरमान जारी किया है।
योगी बंगाल, केरल, तमिलनाडु आदि राज्यों में घूमकर चुनावी सभा और रैली कर रहे हैं तब वहां उन्हें संक्रमण का खतरा नजर नहीं आ रहा। यूपी में हार के डर से उन्हें पंचायत चुनाव में कोरोना फैलने का डर सताने लगा है।
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