कांवड़ यात्रा के लिए 'जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट' का लक्ष्य
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- Updated: 14 July, 2026 19:48
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कांवड़ यात्रा के लिए 'जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट' का लक्ष्य
डीजीपी ने अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।
सड़क हादसों में कमी आई, यक्ष ऐप और केस डायरी पोर्टल पर जोर।
उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मंगलवार को प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय ऑनलाइन अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में आगामी त्योहारों, विशेषकर कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने अधिकारियों को कांवड़ यात्रा और आगामी पर्वों को 'जीरो इंसिडेंट' और 'जीरो एक्सीडेंट' के लक्ष्य के साथ संपन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और सोशल मीडिया पर सतर्कता बरतने को कहा। कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे की ऊंचाई और ध्वनि को लेकर न्यायालय व शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
बैठक में अपराध नियंत्रण पर जोर देते हुए यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग को 'बीट सूचना की आत्मा' बताया गया। डीजीपी ने निर्देश दिए कि सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन हो और सत्यापन के दौरान लापता मिले अपराधियों की तलाश के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अलावा, थानों में खड़े वाहनों के निस्तारण के लिए डंपिंग यार्ड बनाने को कहा गया।
विवेचनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण के लिए तकनीकी सेवाओं द्वारा विकसित 'केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड' पोर्टल का भी प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे 60 और 90 दिन से अधिक लंबित विवेचनाओं पर बेहतर निगरानी हो सकेगी। मिशन शक्ति केंद्रों की सफलता पर चर्चा करते हुए बताया गया कि इनके स्थापना के बाद दहेज हत्या और प्रताड़ना के मामलों में क्रमशः 43 और 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
सड़क सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए डीजीपी ने बताया कि ZFD और RTC अभियान के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। वर्ष 2025 की तुलना में इस साल की पहली छमाही में सड़क दुर्घटनाओं में 9 प्रतिशत और मृत्यु दर में 10 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे 800 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी है।

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