गोमती के उफान पर डीएम और पुलिस के बड़े साहब सैंथा-फैजुल्लागंज पहुंचे, गर्भवती, बच्चों और बुजुर्गों को पहले निकालने का हुक्म
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- Updated: 4 October, 2026 19:44
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गोमती के उफान पर डीएम और पुलिस के बड़े साहब सैंथा-फैजुल्लागंज पहुंचे, गर्भवती, बच्चों और बुजुर्गों को पहले निकालने का हुक्म
सैंथा में 10 नावें लगाने का हुक्म, घर-घर पहुंच रही राहत किट, रात में बढ़ेगी पुलिस गश्त।
दाऊद नगर में बनेगा एक और कंट्रोल रूम, ताकि लोगों की शिकायत पर फौरन हो सुनवाई।
लखनऊ। गोमती नदी का पानी चढ़ने से राजधानी के कई इलाकों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हालात परखने के लिए रविवार को जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार बरावन कला, सैंथा और फैजुल्लागंज जैसे असर वाले इलाकों में पहुंचे। दोनों अफसरों ने पैदल भी और नाव से भी दौरा कर राहत और बचाव के कामों का जायजा लिया। उन्होंने देखा कि लोगों की हिफाजत, राहत सामग्री, इलाज और सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के इंतजाम कैसे चल रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बाढ़ राहत शिविरों का भी मुआयना किया। वहां मौजूद डॉक्टरों से उन्होंने पूछा कि लोगों को इलाज और दवाएं कैसे मिल रही हैं। डॉक्टरों ने बताया कि जरूरत के हिसाब से दवाओं की किट दी जा रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को हिदायत दी कि दवाओं की पूरी किट तैयार कर फौरन असर वाले इलाकों में भेजी जाएं और जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाएं।
सैंथा गांव में जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को साफ कहा कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे पहले सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाए। इसके लिए उन्होंने तुरंत 10 नावों का इंतजाम करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रभावित परिवारों को खाना और राहत किट देने और मवेशियों के लिए भूसा-चारे का पूरा बंदोबस्त करने को कहा।
इसके बाद दोनों अफसर नाव से फैजुल्लागंज की डूबी बस्तियों में पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों से बात की और जांचा कि राहत सामग्री सचमुच उन तक पहुंच रही है या नहीं।
जिलाधिकारी ने बताया कि सुबह से ही सभी असर वाले इलाकों में अफसरों और कर्मचारियों की टीमें लगी हैं और नावों के जरिए घर-घर राहत किट पहुंचाई जा रही हैं। खाने-पीने और जरूरी सामान के लिए सभी महकमों को आपसी तालमेल से काम करने को कहा गया है।
लोगों की हिफाजत को सबसे ऊपर रखते हुए जिलाधिकारी और संयुक्त पुलिस आयुक्त ने पुलिस अफसरों को रात में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि अंधेरा होने के बाद भी इलाकों में सुरक्षा बनी रहे। दाऊद नगर इलाके में एक और कंट्रोल रूम बनाने को भी कहा गया, ताकि लोगों की शिकायतों और जरूरतों पर तुरंत कार्रवाई हो सके और राहत व बचाव के कामों पर बारीकी से नजर रखी जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी अफसरों को निर्देश दिया कि गोमती के जलस्तर और असर वाले इलाकों के हालात पर लगातार नजर रखी जाए। नाजुक इलाकों में तैनात अफसर और कर्मचारी मौके पर डटे रहें और जरूरत पड़ते ही फौरन कदम उठाएं।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी, नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी मलिहाबाद और नगर निगम समेत कई महकमों के अफसर मौजूद रहे।
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