Wednesday 16 Jun 2021 14:20 PM

नमामि गंगे योजना में रुपये की हो रही है बंदरबांट : संजय सिंह

नमामि गंगे योजना में रुपये की हो रही है बंदरबांट : संजय सिंह

PPN NEWS

लखनऊ।

नमामि गंगे योजना में रुपये की हो रही है बंदरबांट : संजय सिंह


लखनऊ : गंगा की सफाई के लिए आए 28000 करोड़ के सापेक्ष 8000 करोड़ खर्च करने को लेकर प्रदेश सरकार से श्वेत पत्र लाने और काशी में सुरसरि के बीचोबीच बन रही नहर को रोकने की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नमामि गंगे योजना में हजारों करोड़ों की बंदरबांट होने का आरोप लगाया।

पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रदेश कार्यालय में शनिवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद ने आम आदमी पार्टी द्वारा गंगा की अविरलता के लिए जल्द व्यापक आंदोलन छेड़ने की बात कही।

संजय सिंह ने कहा कि पर्यावरण को लेकर एक गंभीर चिंता का माहौल है। नवंबर - दिसंबर के महीने में पर्यावरण प्रदूषण पर एक बहस पूरे देश में छिड़ जाती है। जल प्रदूषण पर बहुत गोष्ठी, बड़ी-बड़ी योजनाएं आती हैं। इसी कड़ी में गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की हजारों करोड़ों की नमामि गंगे योजना आई।

गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक गंगा अविरल निर्मल रहे, इसके लिए कई लोगों ने त्याग और बलिदान दिया। प्रोफेसर जीडी अग्रवाल ने जीवन भर गंगा की अविरलता और निर्मलता को लेकर  संघर्ष किया।

लेकिन आज काशी जिस की पवित्रता को लेकर हिंदू धर्म में मान्यता है कि मोक्ष पाने के लिए काशी के घाट पर जाते हैं धार्मिक दृष्टि से काशी घाट का अपना महत्व है, वहां नमामि गंगे योजना में हजारों करोड़ की बंदरबांट की गई है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गंगा को स्वच्छ बनाने के बड़े-बड़े दावे किए नमामि गंगे योजना का 28 हजार करोड़ के बजट आया। इस योजना को पूरा करने के लिए नवंबर 2020 का समय निर्धारित था । योगी सरकार ने 28 हजार करोड़ में से मात्र 8000 करोड रुपये ही खर्च किए, गंगा में गंदे नाले गिर रहे है, साफ सफाई पर काम नहीं किया जा रहा है नमामि गंगे की एक मीटिंग 43 लाख रुपए उड़ा दिए गए ।

डिस्ट्रिक्ट गंगा कमेटी की इन बैठकों में अभी तक अमरोहा में तीन, बदायूं में एक, बलिया में 13, भदोही में 8, बिजनौर में 3, चंदौली में सात, इटावा में जीरो, फर्रुखाबाद में 12, फतेहपुर में 3, हापुड़ में 9, हरदोई में पांच, मुजफ्फरनगर में जीरो, प्रयागराज में एक, वाराणसी में 13 मीटिंग हुई है। गंगा नदी का बीचोबीच में गंगा मैया का सीना चीरकर वहां पर 30 मीटर गहरी नहर बनाई जा रही है। प्रोफेसर गंगाविद बीएन मिश्रा का वीडियो दिखा कर गंगा की हालत बताते हुए संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां सेल्फी ले रहे थे वहां गंदगी बह रही है।

32 नाले काशी में बहकर गंगा नदी को प्रदूषित कर रहे हैं। कानपुर में गंगा के अंदर तमाम नाले गंगा में गिरते मिले। जहां वरुणा और गंगा का मिलन होता है उस स्थान पर प्रदूषण बेकाबू है। उत्तर प्रदेश के प्रदूषण बोर्ड ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में बताया है गंगा का पानी पीने योग्य नहीं है। यह योगी जी के राज में योगी जी का प्रदूषण बोर्ड हाई कोर्ट के अंदर खुद कह रहा है कि गंगा का पानी पीने योग्य नहीं है तो नमामि गंगे योजना का क्या हुआ, समझा जा सकता है।

नमामि गंगे योजना सफेद हाथी साबित हो रही है। नमामि गंगे योजना दिखावा मात्र है। नमामि गंगे योजना हिंदुओं के वोट हासिल करने के लिए है। बड़े-बड़े प्रचार करने के लिए, नमामि गंगे योजना सिर्फ कमाई का एक जरिया बनाया गया है।

उन्होंने मांग की है 28 हजार करोड़ में से जो ₹8000 खर्च हुए हैं एक श्वेत पत्र लाकर योगी सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। यह मुद्दा देश के करोड़ों लोगों से जुड़ा हुआ है। यह मुद्दा देश की आस्था से जुड़ा हुआ है। योगी सरकार को बताना चाहिए कि गंगा सफाई के नाम पर क्या-क्या किया है और आज तक नाले गंगा में कैसे बह रहे हैं ? इसका जवाब और स्पष्टीकरण सरकार को देना चाहिए और गंगा के जो बीचोबीच में  30 मीटर नहर बनाई जा रही है, जिसका व्यवसायीकरण किया जाएगा, इसको रोका नहीं गया तो काशी के घाट को गंगा मैया छोड़ देंगी।   इस नहर को बनाने का काम तुरंत बंद करना चाहिए।

यह लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। इस पर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो आम आदमी पार्टी गंगा की सफाई के लिए एक व्यापक आंदोलन करेगी। 

Comments

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *