डबल इंजन की सरकार फिर भी 56 साल से अधूरी सड़क, नेताओं के वादे कागज़ तक सीमित — जनता बोली अब छल नहीं, जवाब चाहिए

डबल इंजन की सरकार फिर भी 56 साल से अधूरी सड़क, नेताओं के वादे कागज़ तक सीमित — जनता बोली अब छल नहीं, जवाब चाहिए

कांग्रेस से भाजपा तक सड़क अधूरी, विधायक का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में, डीएम की चुप्पी पर सवाल

रीवा (मऊगंज): नवीन जनपद के पन्नी पथरिहा पंडितान टोला की सड़क 56 साल से अधूरी है। आधी सदी से ज़्यादा वक्त बीत गया, सरकारें बदलीं, नेता बदले, लेकिन सड़क अधूरी की अधूरी ही रही। कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुआ निर्माण काम बीच में ही रुक गया और भाजपा राज में भी यह सड़क सिर्फ़ कागज़ों और फाइलों में दबकर रह गई।





ग्रामीणों का कहना है कि भाजपा विधायक गिरीश गौतम ने विधानसभा में सड़क निर्माण का प्रस्ताव रखा था, लेकिन प्रशासन और शासन ने अब तक उस पर अमल नहीं किया। सवाल ये उठ रहा है कि जब जनप्रतिनिधि खुद प्रस्ताव रख चुके हैं तो फिर ज़िला प्रशासन क्यों चुप है?

ग्रामीणों का आरोप है कि डीएम रीवा और अफसरशाही की उदासीनता ने इस सड़क को 56 सालों से अधर में लटकाकर रखा है। लोग वर्षों से कलेक्ट्रेट के चक्कर काटते रहे, लेकिन फाइलें खटखटाने से आगे कभी काम नहीं बढ़ा।

बरसात के दिनों में यह अधूरी सड़क दलदल और कीचड़ में तब्दील हो जाती है। न बच्चों का स्कूल जाना आसान रहता है, न ही मरीजों को अस्पताल तक ले जाना संभव। खेतों तक पहुँचना किसानों के लिए रोज़ का संघर्ष बन चुका है। ग्रामीणों ने तंज कसा — “नेताओं के भाषणों और पोस्टरों में सड़क चमचमाती दिखती है, लेकिन हक़ीक़त में ये सड़क जनता के धैर्य की कब्रगाह बन चुकी है।”

अब ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे न सिर्फ जनप्रतिनिधियों और अफसरों का बहिष्कार करेंगे, बल्कि बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे।

ग्रामीणों का कड़ा आरोप:

👉 “56 साल में सड़क अधूरी रही, नेताओं ने सिर्फ़ कुर्सी पक्की की — सड़क नहीं।”

जनता का साफ संदेश है —

अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए।

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