यूपी के 12 जनपदों के 14 गांवों में दशकों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया हुई पूरी, तीन गांव योजना से बाहर

यूपी के 12 जनपदों के 14 गांवों में दशकों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया हुई पूरी, तीन गांव योजना से बाहर

यूपी के 12 जनपदों के 14 गांवों में दशकों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया हुई पूरी, तीन गांव योजना से बाहर

कन्नौज, बिजनौर और सहारनपुर समेत कई जिलों के किसानों को मिला लाभ, तीन गांवों में प्रक्रिया की गई निरस्त।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर चकबंदी आयुक्त ने अभियान चलाकर वर्षों से लंबित मामलों का कराया निस्तारण।

उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश के 12 जनपदों के 14 गांवों में वर्षों से लंबित पड़ी चकबंदी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। चकबन्दी आयुक्त डॉक्टर हृषिकेश भास्कर यशोद ने जनपदीय अधिकारियों को चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत लंबित गांवों में विशेष अभियान चलाकर इस कार्य को समाप्त करने के कड़े निर्देश दिए थे। इसके बाद विभिन्न जनपदों में अधिकारियों द्वारा चौपाल लगाकर और मौके पर जाकर विवादों का निपटारा किया गया। इसी क्रम में सोमवार को चकबंदी आयुक्त ने उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम की उस कानूनी व्यवस्था के तहत अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है, जो चकबंदी कार्य के पूरी तरह संपन्न होने पर उस क्षेत्र को प्रक्रिया से बंद करने का अधिकार देती है। इसके साथ ही इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण घोषित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

​इस महत्वपूर्ण फैसले के तहत कन्नौज, बिजनौर, सहारनपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बरेली, गोरखपुर, सुल्तानपुर तथा मुरादाबाद के जिलाधिकारियों और बंदोबस्त अधिकारियों द्वारा चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण करने का आधिकारिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, जिसे चकबंदी आयुक्त ने वैधानिक रूप से लागू कर दिया है। सरकार की इस मुस्तैदी से दशकों पुराने मामले सुलझ गए हैं, जिसमें जनपद कन्नौज का गांव अकबरपुर बीते 45 वर्षों से, जनपद बिजनौर का ग्राम कस्बा झालू 37 वर्षों से, जनपद सहारनपुर का ग्राम डालामजरा 37 वर्षों से और जनपद प्रयागराज का ग्राम राजेपुर मय सराय अरजानी बीते 34 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया के जाल में फंसा हुआ था। चकबंदी आयुक्त के सघन पर्यवेक्षण और अधिकारियों की दौड़-भाग के चलते इन जटिल मामलों को आखिरकार खत्म कराया गया।

​दूसरी तरफ, शासन द्वारा कुछ गांवों में विपरीत परिस्थितियों और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए चकबंदी प्रक्रिया को वापस लेने का भी निर्णय लिया गया है। इसके तहत अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम की उस विशेष विधिक व्यवस्था का प्रयोग किया है, जो सरकार को किसी भी क्षेत्र में चल रही चकबंदी की विज्ञप्ति को रद्द करने या उसे प्रक्रिया से बाहर करने का अधिकार देती है। इस नियम के अंतर्गत जनपद हरदोई के गांव टैनी, चित्रकूट के गांव कौडर (कुन्दर) तथा अयोध्या के गांव माफा रामपुर हलवारा को तत्काल प्रभाव से चकबंदी प्रक्रिया से अलग यानी पृथक कर दिया गया है। जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर मनोज कुमार द्वारा जारी इस आधिकारिक रिपोर्ट के बाद संबंधित जनपदों के किसानों ने राहत की सांस ली है।

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