जिनके लिए देश ने जलाए थे दीये, डॉक्टर-मेडिकल स्टाफ 23 अप्रैल को ब्लैक डे मना रहे हैं.
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- Updated: 22 April, 2020 23:05
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Prakash prabhaw news
Report --- Bureau Prayegraj
सौलह दिन बाद वो डॉक्टर कैंडल जलाने को मजबूर
नई दिल्ली, 21 April, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पांच अप्रैल को पूरे देश ने डॉक्टर-हेल्थ वर्कर्स सहित सभी कोरोना वॉरियर्स के लिए घरों में दिये जलाए थे
. लेकिन हिंसा की घटनाओं पर कोई पुख्ता कानून लागू न होने से वही डॉक्टर नाराज हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर देश भर के डॉक्टर-मेडिकल स्टाफ 23 अप्रैल को ब्लैक डे मना रहे हैं.
सभी कैंडल जलाकर कुछ ऐसे जताएंगे विरोध.
जिनके लिए देश ने जलाए थे दीये, 16 दिन बाद वो डॉक्टर कैंडल जलाने को मजबूर
5 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना वॉरियर्स के सम्मान में जलाए थे दीये
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए काम कर रहे चिकित्सा कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में वृद्धि को लेकर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एक कानून लाने के लिए केंद्र से मांग की है.
आईएमए ने बुधवार को White Alert के जरिये देश भर के अस्पतालों और चिकित्सा कर्मचारियों पर हो रहे हमलों के विरोध में मोमबत्ती जलाने के लिए कहा है.
आईएमए ने सोमवार को एक बयान में कहा कि राष्ट्र के लिए व्हाइट अलर्ट में, सभी डॉक्टर और अस्पताल 22 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन और सतर्कता के रूप में एक मोमबत्ती जलाएंगे. इस दौरान सभी को व्हाइट कोट पहनने के लिए भी कहा गया है.
मेडिकल बॉडी ने कहा है कि सफेद कोट पहनकर एक मोमबत्ती जलाओ. व्हाइट अलर्ट सिर्फ एक चेतावनी है.
बयान में कहा गया है कि यदि सरकार 22 अप्रैल को 'व्हाइट अलर्ट' के बाद भी डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने में विफल रहती है,
तो 23 अप्रैल को काला दिवस मनाया जाएगा. इस दिन देश के सभी डॉक्टर काले बैज पहनेंगे.
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