सीएम के हस्तक्षेप से मिला शहीद की बेटी को हक

सीएम के हस्तक्षेप से मिला शहीद की बेटी को हक

रिपोर्ट मोहम्मद आकील..... 🗞🗞🗞

​सीएम के हस्तक्षेप से मिला शहीद की बेटी को हक

न्याय की जीत: सीएम के निर्देश पर 24 घंटे में खाली हुआ घर।

भावुक पल: 'योगी अंकल' को दिया धन्यवाद, मिला पिता का आशियाना।

लखनऊ। नए साल की शुरुआत एक पीड़ित महिला के जीवन में खुशियों की नई किरण लेकर आई है। स्वर्गीय मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की पुत्री अंजना भट्ट को उनके पिता का वह घर वापस मिल गया है, जिस पर भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध कब्जा जमा लिया था। राजधानी के इंदिरा नगर जैसे पॉश इलाके में स्थित इस संपत्ति को लेकर मामला जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया, उन्होंने प्रशासन को त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश का असर यह हुआ कि पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध कब्जेदारों को बाहर कर घर की चाबियां अंजना को सौंप दीं।

​वर्ष 1994 में मेजर बिपिन चंद्र भट्ट के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। समय के साथ अंजना के भाई और बहन का भी निधन हो गया, जिसके बाद वह मानसिक रूप से काफी टूट गईं और गंभीर बीमारी की चपेट में आ गईं। वर्ष 2016 से एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में इलाजरत अंजना की बेबसी का फायदा उठाकर जालसाजों ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में जालसाजी और संपत्ति के अवैध हस्तांतरण से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। कानून के अनुसार, जब कोई व्यक्ति धोखाधड़ी से सरकारी या निजी दस्तावेज बदलकर संपत्ति हड़पता है, तो यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है और प्रशासन को ऐसी संपत्तियों को तत्काल कुर्क या बहाल करने का अधिकार है। न्याय मिलने के बाद अंजना बेहद भावुक नजर आईं और उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें "थैंक यू योगी अंकल" कहा।

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