काकोरी के कुसमौरा गांव में युवक ने आम के बाग में फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
काकोरी के कुसमौरा गांव में युवक ने आम के बाग में फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
बेरोजगारी और बढ़ती ज़िम्मेदारियों से परेशान युवक ने उठाया आत्मघाती कदम।
परिजनों ने जताई आशंकाएं, पुलिस ने जांच शुरू कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव।
काकोरी, लखनऊ। काकोरी थाना क्षेत्र के ग्राम कुसमौरा में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गांव के बाहर आम के बाग में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान जितेंद्र उर्फ बाबू (22) पुत्र स्वर्गीय गणेश के रूप में हुई है। जितेंद्र अविवाहित था और बढ़ई का काम करके अपना जीवन चलाता था।
युवक के परिवार में उसकी बुजुर्ग मां बेला और छोटा भाई पन्नू हैं। तीन सदस्यों के इस छोटे परिवार में जितेंद्र ही सबसे बड़ा और मुख्य जिम्मेदार सदस्य था। पिता के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।
बुधवार सुबह जब ग्रामीणों ने आम के बाग में जितेंद्र का शव फंदे पर लटका देखा तो स्थानीय लोगों ने तुरंत काकोरी पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि युवक अपने ही अंगोछे के सहारे फंदा लगाकर पेड़ से लटका हुआ है।
किसी भी तरह के सबूत नष्ट न हों, इसके लिए काकोरी पुलिस ने घटनास्थल की पूरी वीडियोग्राफी कराई और शव को ग्रामीणों की मदद से नीचे उतरवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है।
ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र सीधे-सादे स्वभाव का था और मेहनत-मजदूरी व बढ़ईगीरी कर परिवार चलाने में मदद करता था। परिजनों ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से थोड़ा उदास रहता था, लेकिन किसी बड़ी परेशानी या समस्या के बारे में उसने किसी को कुछ नहीं बताया था। हालांकि, परिजनों ने कुछ आशंकाएँ भी जताई हैं, जिनकी जांच पुलिस को करनी है।
इस संबंध में काकोरी इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि प्रारंभिक दृष्टि में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी बिंदु को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने तथा परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब घटनास्थल की बारीकी से जांच, कॉल डिटेल्स की छानबीन और परिजनों व परिचितों के बयान लेकर पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है।
घटना के बाद कुसमौरा गांव में गहरा मातम छाया हुआ है। मां बेला और छोटे भाई पन्नू का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में लोग दबी ज़ुबान से चर्चा कर रहे हैं कि सीधे स्वभाव वाला यह युवक आखिर किस वजह से इतना बड़ा कदम उठा बैठा। परिवार न्याय और सच्चाई सामने आने की उम्मीद कर रहा है।

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