निलंबित स्टोर कीपर की हार्ट अटैक से मौत, परिवार ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के निलंबित स्टोर कीपर की हार्ट अटैक से मौत, परिवार ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
अमित श्रीवास्तव/ ब्यूरो चीफ
निलंबन के बाद मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे ओम प्रकाश, पत्नी बोलीं- विभागीय कार्रवाई ने बढ़ाई परेशानी
लखनऊ | निलंबन के बाद नौकरी और परिवार के भविष्य की चिंता में घिरे उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के स्टोर कीपर ओम प्रकाश मौर्य (46) की शनिवार शाम हार्ट अटैक से मौत हो गई। रायबरेली में गदागंज क्षेत्र के रूप का पुरवा निवासी ओम प्रकाश बदायूं कार्यालय में तैनात थे और जिला प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। परिवार के मुताबिक, 11 सितंबर 2025 को निलंबन के बाद से वो लगातार तनाव में थे।
पत्नी सरोज कुमारी का आरोप है कि निलंबन के बाद वेतन रुकने से परिवार आर्थिक संकट में आ गया था। दो बेटियों की पढ़ाई, घर का खर्च और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी को लेकर ओम प्रकाश परेशान रहते थे। शनिवार शाम करीब सात बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी मौत हो गई।
दो बेटियां और बुजुर्ग माता-पिता छोड़ गए पीछे–
ओम प्रकाश की मौत के बाद पत्नी और दो बेटियों—16 वर्षीय मोनिका और 13 वर्षीय श्रेया—के सामने परिवार चलाने और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। बुजुर्ग माता-पिता भी बेटे की मौत से सदमे में हैं। परिवार ने निलंबन की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और बकाया देयकों का भुगतान कराने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि विभागीय कार्रवाई और आर्थिक संकट ने ओम प्रकाश को गहरे तनाव में डाल दिया था।
परिजनों ने तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक ओमेंद्र कुमार तथा वर्तमान क्षेत्रीय प्रबंधक बरेली विनीत कुमार चौहान की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मामले में वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि ओम प्रकाश मौर्य को निलंबन की सजा भुगतनी पड़ी। साथ ही पिछले एक वर्ष से जीवन निर्वाह भत्ता भी नहीं दिया गया। मृतक की पत्नी और परिजनों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बताया कि वे जल्द ही संबंधित थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे |

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