यूपी पीडब्ल्यूडी में कम रेट वाली निविदाओं पर सख्ती, विभाग ने जारी किया नया कॉन्सेप्ट नोट

यूपी पीडब्ल्यूडी में कम रेट वाली निविदाओं पर सख्ती, विभाग ने जारी किया नया कॉन्सेप्ट नोट

​यूपी पीडब्ल्यूडी में कम रेट वाली निविदाओं पर सख्ती, विभाग ने जारी किया नया कॉन्सेप्ट नोट

अत्यधिक कम दरों पर टेंडर लेकर काम की गुणवत्ता प्रभावित करने वाले ठेकेदारों पर कसेगा शिकंजा

10% से कम रेट पर अतिरिक्त सुरक्षा राशि और 15% से कम पर होगी विशेष गुणवत्ता जांच।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने अत्यधिक कम दरों पर मिलने वाली निविदाओं को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा जारी किए गए नए कॉन्सेप्ट नोट में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि बहुत कम दर पर कार्य आवंटित होने के कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उनकी समयबद्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए अब नई प्रक्रिया लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। शुक्रवार को विभाग के इस निर्णय से उन ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है जो अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा के चलते काफी कम रेट डालकर टेंडर हथिया लेते थे।

​विभाग द्वारा तैयार किए गए नए मानकों के अनुसार, यदि कोई निविदा अनुमानित लागत से 10% से अधिक कम दर पर प्राप्त होती है, तो संबंधित ठेकेदार को अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा करनी होगी। इसके अलावा, यदि दरें 15% से भी अधिक कम पाई जाती हैं, तो उन कार्यों की विशेष गुणवत्ता जांच अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। यदि जांच के दौरान कार्य की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिली, तो ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उसे दो वर्ष तक के लिए काली सूची में डाल दिया जाएगा।

​विभागीय अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसी संदिग्ध निविदाओं को निरस्त कर पुनः टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। साथ ही, यदि कोई ठेकेदार अन्य विभागों में चल रहे अपने कार्यों की जानकारी छिपाता है, तो उसके विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराना, अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को रोकना और केवल सक्षम ठेकेदारों का चयन सुनिश्चित करना है। हालांकि, विभाग का मानना है कि किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत कुछ असुविधाओं के साथ होती है, लेकिन दूरगामी परिणाम सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों की मजबूती के रूप में सामने आएंगे।

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