लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अरमान बारिशों मे बह गये

लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अरमान बारिशों मे बह गये

PPN NEWS

नारकीय जीवन जीने को विवश लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र, जोन 6- न्यू हैदरगंज वार्ड के निवासी, रिफा कालोनी जहां गलियां, नाली, खड़ंजा तो दूर कभी सफाई तक नही होती


 ए एस ख़ान लखनऊ ब्यूरो


लखनऊ प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां एक ओर लगातार अनेक मंचों से यूपी मे विकास की गंगा बहती दर्शा रहे हैं, नगर निगम लखनऊ राजधानी को स्वच्छता मे सर्वश्रेष्ठ पायदान पर लाने के दावे ठोक रहा है, तो वहीं राजधानी लखनऊ के बिल्कुल बीचो बीच अनेक क्षेत्र ऐसे है जहां की जमीनी हकीकत इन दावों की धज्जियां उडाती दिखाई देती है ।

लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र, नगर-निगम जोन-6- न्यू हैदरगंज वार्ड

राजधानी के न्यू हैदरगंज वार्ड अंतर्गत रिफा कालोनी जो कि राजधानी की अति विकसित कही जाने वाली कालोनी राजाजीपुरम से बिल्कुल सटी है, पत्त्थर चटा से बाएं कैंप्वेल रोड की ओर मुड़ते ही एक्ज़ान स्कूल के पीछे काफी बडे क्षेत्र फल मे फैली है, विकास से पूरी तरहां कटी हुई है, दस वर्षो से अधिक समय से यहां की अनेक सडके/ गलियों का निर्माण नही हुआ है, उबड खाबड गलियों मे कभी सफाई तक नही होती, जगहां जगहां कूडे के ढेर नगर-निगम प्रशासन- जोन 6 के अधिकारियो के मुंह पर तमाचा मारते प्रतीत होते है, बारिश के मौसम मे रिफा कालोनी के कुछ हिससो, विशेषकर बंगाली पीसीओ के आस पास काली पानी की टंकी के सामने एव आस पास के लोग घरों मे कैद होने को विवश हो जाते है क्यो की बाहर निकलना असंभव होता है तथा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है ।

स्थानीय निवासियो ने इस संबंध मे अनेको बार स्थानीय सभासद विजय गुप्ता, क्षेत्रीय विधायक अरमान खान, नगर-निगम जोन-6- के अधिकारियो से इस नर्कीय जीवन से निकालने तथा क्षेत्र मे गली सडक के निर्माण के साथ साथ सफाई व्यवस्था का प्रबंध कराने हेतु गुहार लगाई, किंतु कही कोई सुनवाई नही हुई ।



दर्द तो बहुत है पर, कहे कौन, और किस्से कहें सुनने समझने वाला कोई नही


लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का दुर्भाग्य कहें या स्थानीय रहिवासियो की उदासीनता जो विकास से कोसों दूर होने के बाद भी कभी सुर्खियां नही बनता, कारण इस विधानसभा क्षेत्र मे काफी बडी संख्या मे नयी बसी कालोनियां एव बस्तियां बसी है, ठाकुरगंज के आगे बालागंज दुबग्गा एव इससे सटी बस्तियों / कालोनियों मे अधिकांश लोग परदेसी जो संडीला हरदोई सीतापुर आदी पडोस के जिलो से आकर बसे हैं, या फिर पुराने लखनऊ की तंग गलियों मे रहने वाले लोग है जो अच्छे जीवन की आस मे अपने पुराने मकान बेचकर यहां आकर बसे हैं, इनमे आपस मे समन्वय की कमी के चलते कोई किसी से मतलब नही रखता, यही कारण है कि यहां मूलभूत सुविधाओ की समस्या होने पर भी विरोध मुखर नही होने पाता, बिजनौर टुडे की पणताल से जो तथ्य उभरे उनके अनुसार हैदरगंज वार्ड नम्बर एक के पार्षद विजय गुप्ता ने कुछ क्षेत्रो मे काम तो कराया है किंतु क्षेत्र काफी बडा और घना होने के चलते बजट के अनुसार वार्ड के अनेक हिस्सो मे काम नही हो पाता, लखनऊ पश्चिम के समाजवादी विधायक अरमान खान का तो कही अता पता तक नही रहता, पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश लोगो ने आजतक उनकी शक्ल तक नही देखी काम तो बहुत दूर की बात, हां कुछ जगहों पर उनके नाम के पत्थर जरूर लगे है जिनपर उनका नाम काफी बडा लिखा है, मैटर लिखा है 'सबके अरमान' जबकी क्षेत्रीय लोगो का कहना है उनके अरमान बारिशो मे बह गये, वही स्थानीय सभासद विजय गुप्ता के करीबी बताते है कि हैदरगंज वार्ड मे अधिकांश काम पार्षद निधी से हुआ है, जिनपर अरमान खान ने अपने नाम का पत्थर लगवा दिया है "सबके अरमान" ।


क्या समाजवादी विधायक विकास कार्य ना कराकर राजधानी की गलत तस्वीर पेशकर सरकार को बदनाम करना चाहते है


राजनिती की दलदल मे उलझा विकास भी राजधानी लखनऊ की जनता पर भारी पड रहा है, लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से तथा लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक क्रमश रविदास मेहरोत्रा तथा अरमान खान हैं, दोनो ही विधायको पर विकास कार्यो मे शिथिलता बरतने के आरोप लगते रहते हैं, क्षेत्रीय लोगो का कथन है कि दोनो विधायक अपनी निधी अपने कुछ खास लोगो (पार्षदो) के क्षेत्र मे लगाते है बाकी कही झांकते भी नही, पणताल करने पर आरोप काफी हद तक सही भी लगते हैं । 

मध्य विधानसभा क्षेत्र मे अनेको समस्याए है किंतु विधायक निधी से कार्य कुछ चुनिंदा क्षेत्रो मे ही होते है, पुराने लखनऊ के बिल्लौच पुरा, कटरा आजमबेग मुहल्लो के बीच से बहने वाला नाला वर्षो से स्थानीय लोगो के लिए मुसीबत बना हुआ है, हल्की सी बरसात मे नाले का पानी लोगो के घरो मे घुस जाता है, स्थानीय लोगो ने भरसक प्रयास किये किन्तु नाला निर्माण तो दूर की बात नाले की सफाई तक नही होती, दूसरी ओर गौस गंज से वजीरगंज मुहल्ले से होकर जाने वाले नाले को उपर से लिंटर डालकर कवर किया जा रहा है, ताकि स्थानीय पार्षद जी के गली मे बने मकान तक कार पहुंचाई जा सके, जबकी इसी नाले से सटकर बहने वाले नाले जो की मौलवीगंज से अस्तबल चारबाग मल्लाही टोला होकर वजीरगंज की ओर बहने वाले नाले को उपर से कवर कर रोड निकालना आम जन के लिए कही अधिक सुविधाजनक होता, क्यो की मलिन बस्तियो के बीच से बहने वाले इस नाले मे हादसे कही अधिक होते है, दूसरे मौलवीगंज से वजीरगंज तक इसके उपर एक रोड बन जाने से गंगा प्रसाद रोड का ट्रैफिक का दबाव कम होता, किंतु विधायक रविदास मेहरोत्रा को जन सुविधा से कही अधिक अपने निजी संबंधियों की सुविधा की कहीअधिक चिंता रहती है, सिटी स्टेशन से डालीगंज जाने वाली नबी उल्ला रोड, कैसरबाग बस स्टेशन से सिटी स्टेशन जाने वाली रोड,  एव अमीनाबाद से नख्खास जाने वाली एव रकाबगंज से चारबाग जाने वाली अति व्यस्त सडकें पूरी तरहां उधडी पडी हैं, जगहा जगहा बडे बडे गढ्ढे सडको पर देखे जा सकते है जिनसे हादसे पर हादसे हो रहे है किंतु क्या मजाल जो विधायकजी अपनी निधी इन सडको के निर्माण मे लगा दें ।


लखनऊ पश्चिम विधायक अरमान खान के काम का तरीका भी यही है, क्षेत्रीय लोगो के कथन के अनुसार पूर्व विधायक रेहान नईम ने बहुत अधिक नही फिर भी हर क्षेत्र मे विकास कार्य के प्रयास किए, किंतु अरमान खान केवल अपने चापलूसो के हिसाब से ही कार्य करते है आम जन से इनको कोई सरोकार नही । जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते राजधानी लखनऊ के मध्य विधानसभा एव पश्चिम विधानसभा क्षेत्रो की स्थिती नर्कीय बनी हुई है, सरकार नगर विकास मंत्रालय एव लखनऊ नगर-निगम भी आंखो पर पट्टी बांधे बैठे हैं ।

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