कोरोना से मरुं या ना मरुं लेकिन भुख से जरूर मर जाऊंगी ।

Prakash prabhaw news
Report ---
मै कोरोना से मरुं या ना मरुं लेकिन भुख से जरूर मर जाऊंगी।
जनपद अमेठी
के तहसील तिलोई क्षेत्र के ग्रामसभा विराज का मामला प्रकाश मे आया है जहाँ विराज गांव की रहने वाली अति गरीब महिला अख्तरूल निशा जो अपने चार बच्चों के साथ झोपड़ी में गुजर बसर कर रही हैं।
आज जब अख्तरूल निशा के घर जब प्रकाश प्रभाव न्यूज चैनल की टीम पहुंची तो अख्तरूल निशा ने अपनी 10 साल की जिन्दगी के बारे मे बताया कि आज मुझे 10 साल हो गये है।
मुझे इस गरीबी ने इस तरह सताया कि हमें अपनों ने भी गैर बनाया।मै कैसे अपनी जिन्दगी गुजर बसर कर रही हूं।ऐ तो मेरा रब ही जानत है।
मेरे घर पर खाने के लिए कुछ भी नहीं है।मेरी हालत ऐसी है कि मै एक जिन्दा लाश जैसी हूँ।
मुझे आज तक प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही हैं। क्योंकि न तो मेरे पास इतने पैसे है।
ग्राम प्रधान,सिक्टरि को दे सकू मेरी कोई भी नहीं सुनता चाहे प्रधान हो चाहे कोटेदार हो किसी को मेरी पर वाह नहीं है।मेरे पास राशन कार्ड नहीं है
मेरे पास रहने को घर नहीं है खाने को राशन नहीं है मै कोऱोना से तो बच सकतीं हूँ लेकिन भुख से मर जाऊंगी।
Comments