Friday 04 Dec 2020 11:31 AM

Breaking News:

विकास कार्य को गति देने में लगे रहे सिद्धार्थ नाथ सिंह -कमलेश कुमार

विकास कार्य को गति देने में लगे रहे सिद्धार्थ नाथ सिंह -कमलेश कुमार

Prakash prabhaw news


नए इरादा,नवपरिवर्तन को गति में शहर पश्चिमी लगा।

फोकस --- 

वैश्विक कोरोना महामारी संकट काल में विकास कार्य को गति देने में लगे रहे सिद्धार्थ नाथ सिंह -कमलेश कुमार


Report -- Devi Shankar Mishra 

 3 जुलाई

प्रयागराज / धूमनगंज 

।शहर पश्चिमी को फिर से तेज विकास के पथ पर लाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए नए इरादा,नवपरिवर्तन को गति देते हुए ट्रांसपोर्ट नगर,गयासुद्दीनपुर में अमन क्लिनिक के सामने वाली गली में मा0 कैबिनेट मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के अथक प्रयास से नाली और सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।

वैश्विक कोरोना महामारी के विकट परिस्थितियों में पावन,करेंदहा, गैस गोदाम मार्ग राजरूपपुर आदि कई गांव में सड़क, इंटरलॉकिंग व नालियों सहित गलियों में नवनिर्माण शुरू होने से क्षेत्रवासियों में हर्ष व्याप्त हो गया है।

पार्षद अनिल कुशवाहा एवं ई मेल पर आदित्य कुशवाहा ने वार्ड नं 25 मुंडेरा में मूलभूत सुविधाओं से आच्छादित करने के लिए स्मार्ट सिटी के अमृत योजनाओं से जोड़ा गया है।

परंतु विष्णुपुरी,अलका बिहार, कुशवाहा नगर और बमरौली क्षेत्र में सीवर कनेक्टिविटी न होने का अवगत कराया जिसपर मा0 मंत्री ने प्रमुख सचिव नगर विकास यूपी को लिखकर विकास कराने का निर्देश दिया। 

भाजपा क्षेत्रीय मंत्री काशी प्रान्त कमलेश कुमार कहते है कि शहर पश्चिमी में पिछले 30 सालों से विकास ठप था।एकदम पिछड़ा इलाका बन चुका था।

लोग शहर पश्चिमी का नाम लेने या आने में डरते थे।प्रयागराज में सबसे विकसित इलाके के रूप में गिना जाने लगा है।

अभूतपूर्व विकास ने कायाकल्प कर दिया है।

पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह पटेल बताते है कि तीन सालों में शहर पश्चिमी के गांव की सड़क,बिजली,पानी और शिक्षा,स्वास्थ्य के क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं बढ़ने से विकास को नया आयाम मिला।

भाजपा नेता रामजी शुक्ला कहते है कौड़िहार 2 के लोग सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए गंगापार 50 से 60 किमी यात्रा करते थे

आज भगवतपुर में विकास खण्ड बन जाने से लॉक डाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूरों,गरीब,असहाय लोगों को वरदान साबित हुआ।

आजीविका और रोजगार में महिलाओं को स्वालंबी बनाने का खादी ग्रामोद्योग के जरिए कायाकल्प हुआ है।

Comments

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *