आखिर क्यों KGMU प्रशासन पर अपर्णा यादव भड़कीं
KGMU के लव जिहाद केस में विशाखा कमेटी की रिपोर्ट आ चुकी है. जिसमे इस कमेटी ने जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीज उद्दीन को महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ यौन शोषण, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण का दबाव डालने का दोषी पाया है।
इसी मामले के सिलसिले में आज महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव भी KGMU वाइस चांसलर से मिलने पहुंची थीं। वह तकरीबन 10 मिनट तक वहां रूकी रहीं। लेकिन KGMU की तरफ से अपर्णा यादव स्व मिलने कोई नहीं आया।
इससे
KGMU प्रशासन पर अपर्णा यादव भड़कीं
अब अपर्णा यादव ने केजीएमयू प्रशासन पर भड़कते हुए कहा कि वह तकरीबन 10 मिनट तक केजीएमयू के अंदर खड़ी रहीं। लेकिन उनसे मिलने कोई नहीं आया। महिला आयोग को केजीएमयू ने क्या समझ रखा है। मैं यहां कुछ जानकारी करने के लिए आई थी. लेकिन मुझसे मिलने वॉइस चांसलर ही नहीं आईं।
बातचीत के दौरान अपर्णा यादव ने कहा कि पीड़िता से मेरी बात हुई थी। उसने बताया कि केजीएमयू के हेड ऑफ डिपार्टमेंट को बताने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि रमीज उद्दीन केजीएमयू प्रशासन के संपर्क में था। लेकिन 2 दिन बाद रमीज उद्दीन भाग गया।
विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल
अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि पीड़िता को केजीएमयू के सीनियर डॉक्टर ने यह भी कहा कि आप महिला आयोग क्यों गईं। आरोपी को बचाने के लिए व्यक्ति विशेष के इशारों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं।
अपर्णा यादव ने यहाँ तक कहा कि पीड़िता पर स्टेटमेंट बदलने का दबाव डाला जा रहा है।अपर्णा यादव ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने बयान दिया है, उनपर स्टेटमेंट बदलने का दबाव डाला जा रहा है। केजीएमयू में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हो रही है।
धर्मांतरण हो रहा है और यहां का प्रशासन मौन है। 2 साल से बिना लाइसेंस के केजीएमयू में ब्लड बैंक भी चल रहा है। प्रशासन को कुछ जानकारी ही नहीं है।
बता दें कि इस मामले को लेकर अपर्णा यादव बेहद सक्रिय हैं. पीड़िता ने सबसे पहले अपनी आपबीती अपर्णा यादव को ही सुनाई थी। पीड़िता महिला आयोग के कार्यालय में अपर्णा यादव से मिली थी। अपर्णा यादव ही वह पहली शख्स हैं जिन्होंने इस मामले को उठाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए प्रेस कांफ्रेंस की थी।


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