रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन, ग्रामीण मेहनतकश समाज के लिए ऐतिहासिक निर्णय: ए के शर्मा
PPN NEWS
लखनऊ,09 जनवरी 2026
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एवं जनपद भदोही के प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) — विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस नए अधिनियम को ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश वर्ग के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान श्री शर्मा ने बताया कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह निर्णय ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने, पलायन रोकने और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की ग्रामीण समाज के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बेरोजगारी भत्ता अब एक वास्तविक और प्रभावी कानूनी अधिकार बन गया है।
पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम में अनेक शर्तों के कारण बेरोजगारी भत्ता मिल पाना लगभग असंभव था, जबकि नए अधिनियम में सभी अनावश्यक प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। अब यदि श्रमिक द्वारा कार्य की मांग किए जाने पर समय से रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः देय होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मजदूरी भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। यदि किसी कारणवश मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ श्रमिक को दिया जाएगा। इससे श्रमिकों का शोषण रुकेगा और उन्हें उनके परिश्रम का पूरा और समय पर लाभ मिलेगा।प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि इस अधिनियम के अंतर्गत विकास कार्यों की योजना अब ग्राम स्तर पर ही तय की जाएगी।
कोई भी योजना ऊपर से नहीं थोपी जाएगी। ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम पंचायत अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य होगी। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन होगा और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सामाजिक-आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।


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