लखनऊ नगर निगम में अधिकारियों के भ्रष्टाचार की पोल स्वयं एक अधिकारी और ठेकेदार के बातचीत की वायरल हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोल दी।

Prakash Prabhaw News
लखनऊ नगर निगम में अधिकारियों के भ्रष्टाचार की पोल स्वयं एक अधिकारी और ठेकेदार के बातचीत की वायरल हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोल दी।
लखनऊ ठेकेदार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष फरहत और नगर अभियंता जोन 8 डी०डी० गुप्ता के मध्य हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया।
बात चीत में नगर निगम में भुगतान पर 15% कमीशन, नगर आयुक्त द्वारा हर बिल पर 2% कमीशन लेने के आरोपो की पुष्टि हो रही है।
बातचीत में नगर आयुक्त द्वारा इंजीनियरों को चोर बताया जाता है बल्कि खुद नगर आयुक्त 2 प्रतिशत कमीशन हर फाईल पर लेते है। यह कमीशन नगर आयुक्त के सहायक पवन द्वारा लिया जाता है।
नगर आयुक्त देते है कुछ अधिकारियों को संरक्षण जिसमे डी०के० मिश्रा, मनीष अवस्थी, जैदी, किशोरी लाल, यह सभी अधिकारी वर्षो से नगर निगम में तैनात है और ट्रांसफर होने के पश्चात भी अभी तक रिलीव नही किये गए।
वायरल ऑडियो में आरोप नगर आयुक्त छोटे अधिकारियों पर डालते है दबाब। नीचे के स्टाफ को दबाते है।
ताजा मामले में लेखा के 3 बाबुओ पर खुद को चोर साबित करने का दबाब डाल रहे थे नगर आयुक्त, बातचीत में पता चला।
अधिकारी नीचे के बाबुओं और छोटे कर्मचारियों को फंसाते है, जबकि कोई ऐसा अधिकारी नही जो न ले रहा हो कमीशन।
लेखा विभाग में 14 से 15 प्रतिशत कमीशन देना पड़ रहा है तो कहाँ से होगा गुणवत्ता पूर्ण कार्य, आखिर ये कहाँ जाता है पैसा । - ठेकेदार की पीड़ा ?
नगर आयुक्त दूसरों को बताते है चोर और हर फाइल पर हर बिल पर नगर आयुक्त के सहायक पवन लेता है 2 प्रतिशत कमीशन । आखिर वह कहाँ जाता है ?
नगर आयुक्त के बिना मर्जी नही होता है नगर निगम में कोई काम।
ठेकेदार से भुगतान के लिए 15 प्रतिशत कमीशन माँगा जा रहा है
ऑडियो में नगर अभियंता ने भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए बताया कि करोड़ों के कामो को कुछ लोगों को खुश करते हुए नगर आयुक्त ने बिना टेंडर किये कर दिए अलॉट ? कई फ़ाइले 16 लाख की फाइलें जो कर दी अलॉट, बल्कि 10 लाख के ऊपर के कामों में होनी है ई-टेंडरिंग।
नगर आयुक्त के संरक्षण में चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल। नगर आयुक्त मनमाने तरीके से चला रहे है नगर निगम।
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