सलेमपुर मोरंग खदान में सरे आम उड़ाई जाती एन जी टी नियमावली की धज्जियाँ

*सलेमपुर मोरंग खदान में सरे आम उड़ाई जाती एन जी टी नियमावली की धज्जियाँ*
*दर्जनों पोकलैंड मशीनें लगाकर सूर्यास्त के बाद भी किया जाता मोरंग खनन*
*बगैर रवन्ना के किया जाता मोरंग का ओवर लोड परिवहन*
*पी पी एन न्यूज*
*(कमलेन्द्र सिंह)*
खागा/ फ़तेहपुर
फ़तेहपुर जनपद लाल सोना( मोरंग) के अवैध खनन व ओवर लोडिंग को लेकर हमेशा से ही ना सिर्फ बदनाम रहा है।
बल्कि विगत कुछ वर्षों पूर्व सपा शासन काल मे किशनपुर थाना क्षेत्र के एक समारोह में शिरकत करने आये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद की खागा तहसील क्षेत्र की मोरंग खदानों में में हुए मोरंग के अवैध खनन की पत्रकारों द्वारा की गई शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्यवाही भी की थी। जिसके तहत उन्होंने जिले के डी एम एस पी व तहसील एस डी एम, सी ओ के अलावा मण्डल स्तर के कमिश्नर तक के खिलाफ निलम्बन की कार्यवाही की थी।
किन्तु जैसे ही सत्ता बदली और केन्द्र एवं प्रदेश की सत्ता में भाजपा सरकार काबिज हुई जिले में मोरंग के अवैध खनन व ओवर लोडिंग का खेल दुबारा दोगुनी गति से शुरु हो गया।
जिसे ना ही प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और ना ही सीर्ष अदालतों की सख्ती रोक पा रही है।
जबकी जिले में अवैध खनन को लेकर सी बी आई जाँच भी शुरू है।
इन सबके बावजूद भी जिला प्रशासन इन मोरंग माफियाओं के खिलाफ बजाय कोई प्रभावी कार्यवाही करने के इन्हें लाल सोना( मोरंग) की लूट की खुली छूट प्रदान किये हुए है।
धाता थाना क्षेत्र के सलेमपुर मोरंग खदान में खदान संचालक द्वारा सरे आम एन जी टी नियमावली की धज्जियाँ उड़ा दर्जनों पोकलैंड मशीनों से नदी का सीना छलनी कर रात दिन मोरंग खनन का कार्य जोर शोर के साथ किया जा रहा है।
जिसका सिलसिला सूर्यास्त के बाद भोर पहर तक चलता है।
वहीं खदान संचालक द्वारा खदान से ही वाहन चालकों को बगैर रवन्ना दिए मोरंग का ओवर लोड परिवहन भी किया जाता है।
खदान में की जा रही अनियमितता की शिकायत भी कई बार क्षेत्रीय ग्रामीणों ने तहसील स्तर से लेकर जिला स्तर ही नहीं बल्कि शासन स्तर तक की।
किन्तु किसी भी जिम्मेदार ने मोरंग के अवैध खनन व ओवर लोड परिवहन को गम्भीरता से लेकर खदान संचालक के खिलाफ कोई प्रभावी कार्यवाही करना मुनाशिब नहीं समझा।
बल्कि उससे सांठ गाँठ कर मोरंग के अवैध खनन व ओवर लोड परिहवन की खुली छूट प्रदान किये रहे।
जबकी कई बार उपरोक्त खदान में ब्याप्त अनियमिता की खबरें भी प्रमुख अखबारों की ना सिर्फ सुर्खियां बनी। बल्कि खदान में रात के समय नदी का सीना छलनी कर पोकलैंड मशीनों से मोरंग निकाले जाने के वीडियो भी शोसल मीडिया में वायरल हुई।
जिसके बाद भी ना तो जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के कानों में जूं रेंगी। और ना ही जिला प्रशासन के हाँ इतना जरूर हुआ कि जब कभी भी खदान में ब्याप्त अनियमितताओं की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनीं। तहसील स्तरीय अधिकारियों ने पूर्व नियोजित ढंग से खदान में अवैध व नियमविरुद्ध खनन व ओवर लोड वाहनों के खिलाफ कार्यवाही का दिखावा करते हुए खदान में आकस्मिक छापेमारी की के साथ साथ खदान एवं कस्बे के आस पास की सड़कों से गुजर रहे वाहनों में दो चार मोरंग लदे ओवर लोड वाहनों के खिलाफ कार्यवाही की औपचारिकता भी पूरी की।
अधिकारियों द्वारा खदान संचालक के खिलाफ बजाय कोई ठोस कार्यवाही करने के मामले को आकस्मिक छापेमारी की औपचारिकता पूरी करने की मुख्य वजह खदान संचालक की ऊँची पकड़ और खाकी व खादी की जुगलबंदी से मिला संरक्षण है।
जिसकी वजह से बेलगाम हुए सलेमपुर मोरंग खदान संचालक के हौशले इस कदर बुलन्द हैं। कि वो आज भी सूर्यास्त से भोर पहर तक दर्जनों पोकलैण्ड मशीनों द्वारा नदी का सीना छलनी कर मोरंग का अवैध खनन व ओवर लोडिंग परिवहन खेल बदस्तूर जारी किये हुए है।
वहीं इस सम्बन्ध में जब उपजिलाधिकारी प्रह्लाद सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि खदान में कई बार आकस्मिक छापेमारी की गई। जिसकी पूर्व सूचना लीक होने के कारण खदान संचालक द्वारा हर बार ब्यवस्था को चुस्त दुरुस्त कर लिया गया और पोकलैंड व अन्य मशीने भी हटा दी गईं। जिससे कहीं पर भी किसी प्रकार की खास खामियां नहीं मिली।
खदान में लगातार आकस्मिक छापेमारी जारी रहेगी।
वहीं जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कहा टीम गठित कर मामले की जाँच कराई जाएगी यदि पोकलैंड मशीनों द्वारा रात के समय मोरंग खनन अथवा ओवर लोडिंग की बात सामने आई तो खनन ठेकेदार के खिलाफ सख्त विधिक कार्यवाही की जाएगी।
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